WHO की चीफ साइंसदां सौम्या स्वामीनाथन ने कोरोना के नए वैरिएंट OMICRON क्या कहा :-
नई दिल्ली:
कोरोना के नए वैरिएंट OMICRON को लेकर दुनिया की फिक्र बढ़ती ही जा रही है. लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इन सभी सवालों में एक सवाल ये भी है कि क्या ये नया वैरिएंट डेल्टा से ज़्यादा खतरनाक है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन यानी WHO की चीफ साइंसदां सौम्या स्वामीनाथन ने जुमे को एक कांफ्रेंस में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) के बारे में कई अहम जानकारियां दीं. उन्होंने कहा कि यह नया वैरिएंट ज़्यादा फैलने वाला है और इसलिए यह डेल्टा पर हावी हो सकता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए अलग से वैक्सीन की जरूरत नहीं है.
ओमिक्रोन को कम जोखिम वाला बताने से किया इंकार
सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि अभी यह कहना जल्दी होगा कि कोरोना वायरस के पुराने वैरिएंट की तुलना में नया वैरिएंट कम जोखिम वाला होगा. WHO की मुख्य वैज्ञानिक स्वामीनाथन ने बताया कि अभी दुनिया भर में 99 फीसद संक्रमण डेल्टा वैरिएंट के कारण मौजूद है. यूरोपीयन यूनियन और आस्ट्रेलिया में वैज्ञानिकों ने इस बात की संभावना जताई है कि कुछ महीनों के भीतर जितना संक्रमण डेल्टा के कारण फैला था उससे कहीं अधिक तेजी से ओमिक्रोन वैरिएंट का संक्रमण फैल सकता है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में दोगुने रफ्तार से हर दिन संक्रमण को फैलाने वाले ओमिक्रोन के आंकड़ों का भी जिक्र किया और बताया कि यह कितना अधिक संक्रामक है.
दिख रहा वैक्सीन का असर:-
सौम्या स्वामीनाथन ने एंटीबडी के प्रभावी होने की बात कही. उन्होंने कहा, 'ओमिक्रोन का असर कम या धीमा होने का मतलब है कि वैक्सीन कारगर है और इससे बनने वाली इम्युनिटी बचाव कर रही है.'
उन्होंने नए वैरिएंट के जोखिमों को कम करने के लिए मौजूदा वैक्सीन के अपग्रेड करने के मामले पर कहा कि बूस्टर डोज ही ओमिक्रोन से बचाव के लिए पर्याप्त है.
पैनिक नहीं सतर्क रहने की है जरूरत:-
स्वामीनाथन ने कहा, 'हमें ओमिक्रोन को लेकर पैनिक होने की नहीं बल्कि सतर्क रहने के साथ ही इससे बचने के लिए पूरी तरह तैयार रहने की जरूरत है. अब तक नए वैरिएंट से आए संक्रमण के मामले गंभीर लक्षणों वाले या फिर बिना किसी लक्षण के हैं
लेकिन फिर भी WHO इस स्टेज में यह नहीं कह सकता कि ओमिक्रोन कम जोखिम वाला वैरिएंट है.
स्वामीनाथन ने कहा, 'सभी कोरोना वायरस का सामना करने के लिए मौजूदा वैक्सीन काफी है, हो सकता है कि बूस्टर डोज लेने की जरूरत हो.' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि WHO की टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप इसपर काम कर रही है कि ओमिक्रोन के लिए नई तरह की वैक्सीन की जरूरत है या नहीं.
भारत में सामने आए ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले
डॉ. सिंह ने कहा, “भारत द्वारा आज ओमिक्रॉन वैरिएंट के चिंताजनक होने की पुष्टि करना और देश में दो मामलों का सामने आना अप्रत्याशित नहीं था. यह सभी देशों को निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देता है, और उन्हें सतर्क रहने व वायरस के अधिक प्रसार को कम करने के उपाय करने की ओर इशारा करता है.
बचाव के लिए क्या करें
“लोगों को अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनना चाहिए जो उनकी नाक और मुंह को अच्छी तरह से ढके, दूरी बनाए रखें, खराब वेंटीलेशन या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, हाथ साफ रखें, खांसी और छींकते समय मुंह को ढकें और वैक्सीन लगाएं. वैक्सीन लगवाने के बाद भी सभी एहतियाती उपाय करते रहें. सभी यात्रियों को हर समय सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का पालन करना चाहिए और COVID-19 के लक्षणों को लेकर सतर्क रहना चाहिए."